Raat ko neend na aaye to kya kare ?
आज के समय में रात को देर तक जागना जैसे एक तरह से आम बात हो गई है। लेकिन जब यह आदत मजबूरी बन जाएं तो बहुत परेशानी होती है। बहुत लोग रात में बिस्तर पर लेटे रहते हैं, आंखे बंद करते है , लेकिन नींद आने का बिल्कुल ही नाम नहीं लेती है। दिमाग में अलग अलग तरह के विचार चल रहे होते है। कभी पुरानी बाते याद आती है तो कभी भविष्य की समस्या सताने लगती है। अगर आप भी हर रात यही सोचते है कि” रात को नींद न आए तो क्या करे” , तो यकीन मानो इस दुनिया में तुम अकेले नहीं हो। यह समस्या आज कल हर दूसरे इंसान के साथ हो रही है।
इसका सबसे बड़ा कारण हमारी जीवन शैली है, पहले के समय में लोग जिस्मानी काम ज्यादा करते थे, इसलिए रात को आराम से खुद ही नींद आ जाती थी। आजकल हम दिनभर mobile, laptop या TV के सामने ही बैठे रहते है। जिससे हमारा शरीर थकता नहीं है, लेकिन दिमाग ओवरएक्टिव हो जाता है।और जब तुम सोने जाते हो तो , तब दिमाग रुकने के बजाए और तेज चलने लगता है।इसी वजह से नींद रुक जाती है आती ही नहीं।
सच बोलो तो आजकल हम सब सोने से पहले अंतिम चीज जो देखते हैं वो mobile screen ही होती है। Social media उपर नीचे करते करते कब एक घंटा निकल जाता है पता ही नहीं चलता है। लेकिन यह छोटी सी आदत आपकी नींद को सबसे ज्यादा डिस्टर्ब करती है। स्क्रीन से निकलने वाली blue light आपके ब्रेन को कन्फ्यूज कर देती है और वो समझता है कि अभी दिन है, इसलिए नींद का सिगनल डिले हो जाता है।
अगर आप वाकई अपनी नींद में सुधार करना चाहते है, तो सबसे यह करना होगा कि सीने से 30 मिनट पहले मोबाइल को एक तरफ रखना होगा । शुरू में थोड़ा अजीब लग सहता है लेकिन कुछ दिन बाद तुमको इसकी आदत हो जाएगी, और नींद भी सही समय पर आएगी और नींद भी पर्याप्त होने लगेगी। या फिर कुछ दिन के लिए मोबाइल न उठा कर किताबें उठा कर पढ़ना शुरू कर दे।
नींद न आने का एक इमोशनल कारण भी होता है, जिसे लोग इग्नोर कर देते है और वो है स्ट्रेस और overthinking। क्यूंकि कभी कभी दिन भर में हम इतना सोचते रहते है कि रात के सोते समय दिमाग रुकता ही नहीं।अगर आपको भी यही समस्या है तो आसान तरीका अपनाओ । सोने से पहले दिमाग में चल रहे विचारों को 5 मिनट पहले एक नोटबुक पर लिख ले।ऐसा करने से मतलब लिखने से दिमाग हल्का हो जाता है।और नींद आने में आसानी हो जाती है।
कुछ लोग तुरन्त नींद लाने के लिए फोन पर वीडियो देखते हैं,लेकिन यह पक्का सॉल्यूशन नहीं है यह आगे चल कर और समस्या पैदा कर देता है।इससे बेहतर है कि आप अपने शरीर को आराम दे,लंबी सांसे ले, जैसे ही आप धीरे धीरे सांसे लेते है और छोड़ते है आपका नर्वस सिस्टम शांत हो जाता है, इससे ह्रदयदर भी धीरे जो जाता है और शरीर नींद की अवस्था में आने लगता है।
इसके अलावा , आपके कमरे का एन्वायरनमेंट भी बहुत इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है।अगर आपके कमरे में ज्यादा रोशनी है या ज़्यादा शोर है तो नींद आने में परेशानी होती है। कोशिश करो कि सोने के समय कमरा थोड़ा डार्क और साइलेंट हो, लाइट को बंद करने से दिमाग को सिग्नल मिलता है कि अब आराम का समय हो गया है।यह छोटी सी चीज आपकी नींद क्वालिटी में काफी सुधार ला सकता है।
आपने सुना होगा रात में गरम दूध पीने से नींद आ जाती है यह कोई भ्रम नहीं है यह एक हकीकत है क्योंकि दूध में ऐसे एलिमेंट होते हैं जो शरीर को आराम देते हैं और sleep hormone को सपोर्ट करते हैं।अगर आप भी रात को सोने से पहले यह समस्या का सामना कर रहे है तो सोने से पहले एक ग्लास गरम दूध पीकर ट्राई कर सकते हो।यह एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका है।
अगर आप दिन भर में बिल्कुल भी जिस्मानी मेहनत नहीं करते हो तो यह भी एक समस्या है नींद न आने की। शरीर का थकना भी बहुत जरूरी होता है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप भरी वर्कआउट करो, आसान 20-30 मिनट की walk ही काफी होती है।जब body active रहती है तो रात को naturally rest की जरूरत पड़ती है और नींद जल्दी आ जाती है।
Neend ka hamari body par kitna asar hota hai ?
आखिर में एक इंपॉर्टेंट बात समझना जरूरी है कि नींद कोई स्विच नहीं है जो आप ON कर दो और तुरन्त आ जाए। यह एक नेचुरल प्रोसेस है जो तभी स्मूथली काम करता है जब आप अपनी लाइफस्टाइल को थोड़ा डिसिप्लीन में ले आते हो। अगर आप ऊपर बताए गए आसान बदलाव को ईमानदारी से फॉलो करते हो तो धीरे धीरे आपकी नींद में सुधार आना शुरू हो जाएगा।
और कभी ऐसा लगे कि समस्या बहुत ज़्यादा बढ़ गई है और बहुत हफ्तों से नींद भी आ रही है , तो डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी है। क्यों कि कभी कभी यह किसी और हेल्थ इश्यू का सिगनल भी होता है।
Final Thought
अगर आप रोज रात को सोचते है कि Raat ko neend na aaye to kya kare, तो आज से अपनी आदतें थोड़ी सी बदल कर देख लो। नींद को फोर्स नहीं किया जा सकता है, लेकिन उसके लिए सही एनवायरमेंट और रूटीन जरूर बनाया जा सकता है।
आज रात बस एक काम करो – सोने से पहले मोबाईल थोड़ा जल्दी एक तरफ रख दो.. फिर देखना नींद खुद चल कर आती है या नहीं।
Agar aap aur bhi useful health tips padhna chahte hain, to hamare homepage par zaroor visit karein.
Frequently Asked Questions
Que 1. क्या मोबाइल देखने से नींद पर असर पड़ता है?
Ans . हाँ , मोबाइल की ब्लू लाइट दिमाग को एक्टिव रखती है, जिससे नींद आने में डिले हो जाता है। इसलिए सोने से कम से कम 3ओ मिनट पहले मोबाइल को रख देना चाहिए।
Que 2. कितने घंटे की नींद लेना जरूरी है?
Ans . एक हेल्थी एडल्ट के लिए 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी होती है। इससे शरीर और दिमाग दोनों संतुलन में रहते हैं।





